98% लोग नहीं जानते है शुगर की रोग को समाप्त करने का ये सबसे आसान तरीका, एक बार अवश्य पढ़े…!

आजकल के इस भागदौड़ भरे युग में अनियमित जीवनशैली के चलते जो रोग सर्वाधिक लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है वह है मधुमेह। मधुमेह को धीमी मौत भी कहा जाता है। ये ऐसी रोग है जो एक बार किसी के शरीर को पकड़ ले तो उसे फिर जीवन भर छोड़ती नहीं। इस रोग का जो सबसे बुरा पक्ष है वह ये है कि यह शरीर में अन्य बहुत रोगों को भी निमंत्रण देती है।

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वही शुगर की रोग की एक विशेष बात ये भी है की और रोक जिस प्रकार से दवाइयों के सेवन से धीरे धीरे ठीक हो जाती है वही शुगर की रोग ऐसी होती है जिसका आप लाख उपचार करा ले किन्तु ये कभी ठीक नहीं होती और एक बार यदि किसी को ये रोग हो जाये फिर तो वो जब तक जीवित रहेगा तब तक उसे दवाइयों का सेवन करना अनिवार्य हो जाता है।

ऐसे में बहुत बार लोग मधुमेह का घरेलू तरीके से बिह उपाय करते है जिससे उन्हें हमेशा के लिए इस परेशानी से आजादी मिल जाये।आज हम आपको एक ऐसा ही घरेलू सिवाय बताने जा रहे है जिसके इस्तेमाल करने से आपको इस गम्भीर रोग से बिना किसी हानि के हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

जैसा की हम सबीह जानते है की हमारे आस पास कुछ ऐसे पेड़ पौधे होते है जिनके बारे में हम अनजान रहते है और कुछ ऐसे पौधे होते है जो जहरीले होने के साथ हमारे शरीर को अमृतीय गुण प्रदान करते है। इन्ही में से एक पौधा है अकौआ का जो की एक औषधीय पादप है। इसको मदार, मंदार, आक, अर्क भी कहते हैं। इसका वृक्ष छोटा और छत्तादार होता है. पत्ते बरगद के पत्तों समान मोटे होते हैं। हरे सफेदी लिये पत्ते पकने पर पीले रंग के हो जाते हैं। इसका फूल सफेद छोटा छत्तादार होता है। फूल पर रंगीन चित्तियाँ होती हैं।

आपको बता दे इस पौधे की पत्तियों के इस्तेमाल से आप शुगर की बीमारी से निजात पा सकते है और अब तक काफी लोग इस इस्तेमाल से लाभान्वित हो रहे हैं। आप भी इसको इस्तेमाल कर के इसका सेहत फायदा ले सकते हैं। इसके पत्ते के इस्तेमाल से आप केवल 7 दिन से 3 महीने के भीतर शुगर से मुक्त हो सकते हैं और मोटापे से भी मुक्त हो सकते हैं। यही नहीं बहुत लोगों को तो इसका रिजल्ट सातवें दिन ही मिल जाता है अब जब ऐसा बढ़िया है ये पत्ता तो आइये जाने इसके पत्ते का इस्तेमाल।

इस तरीका को करने के लिए आपको आक के पौधे की एक पत्ती लेनी है और इस पौधे की पत्ती को उल्टा (उल्टा का मतलब पत्ते का खुदरा भाग) कर के पैर के तलवे से सटा कर मोजा पहन लें। सुबह और पूरा दिन रहने दे रात में सोते वक़्त निकाल दें। एक सप्ताह में आपका शुगर लेवल सामान्य हो जायेगा। साथ ही बाहर निकला पेट भी कम हो जाता है। हाँ एक बात पर ख्याल दें इसका दूध आँख में ना जाये नहीं तो आप की आँखें बेकार हो सकती है

अन्य फायदा

आक के मुलायम पत्ते मीठे तेल में जला कर अण्डकोश की सूजन पर बाँधने से सूजन दूर हो जाती है। तथा कडुवे तेल में पत्तों को जला कर गरमी के घाव पर लगाने से घाव बढ़िया हो जाता है। इसके मुलायम पत्तों के धुंए से बवासीर शाँत होती है। आक के पत्तों को गरम करके बाँधने से चोट बढ़िया हो जाती है। सूजन दूर हो जाती है।

आक का दूध पाँव के अँगूठे पर लगाने से दुखती हुई आँख बढ़िया हो जाती है। बवासीर के मस्सों पर लगाने से मस्से जाते रहते हैं। बर्रे काटे में लगाने से दर्द नहीं होता।

चोट पर लगाने से चोट शाँत हो जाती है।

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