UP Bypolls 2020 Date: उत्तर प्रदेश में इन 7 सीटों पर होंगे उपचुनाव, जानिए कब और कहां-कहां होंगे मतदान और कब घोषित होंगे नतीजे

UP Bypolls 2020, Uttar Pradesh Assembly By Election 2020 Date: चुनाव आयोग ने हाल ही में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के साथ कुछ राज्यों में उप चुनावों की घोषणा की है। बता दें कि उत्तर प्रदेश (UP) में कुल 7 सीटों पर उपचुनाव होना है। दरअसल चुनाव आयोग ने बीते मंगलवार को उपचुनाव की घोषणा की थी, जिसमें उत्तर प्रदेश सहित अन्य कुछ राज्यों के कुल मिलाकर 54 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है। इन 54 विधानसभा सीटों के लिए 3 नवंबर को वोट डाले जाएंगे।

UP Bypolls 2020: उत्तर प्रदेश में 7 सीटों पर होगा चुनाव

हाल ही में कुछ दिनों पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने यह कंफर्म किया था कि 29 सितंबर को जिन राज्यों में उपचुनाव होंगे उनकी जानकारी और तारीख बता दी जाएगी। इन उपचुनाव को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इनसे 2022 विधानसभा चुनाव (Vidhan Sabha Chunav) के अनुमानित आकड़ों के बारे में पता चल जाएगा। चुनाव आयोग ने हाल ही में यह घोषणा की है कि छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, नागालैंड, ओडिशा, तेलंगाना और यूपी में 3 नवंबर को वोट डाले जाएंगे।

बता दें कि 10 नवम्बर को चुनाव के नतीजे सामने आ जाएंगे। उत्तर प्रदेश (UP) में कुल 7 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश में जिन 7 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं उनमें से 2 सीटें समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की थी, बाकी की अन्य सीटें भारतीय जनता पार्टी (BJP) की थी।

UP Bypolls 2020

UP Assembly By Election 2020: इन 7 सीटों पर होगा उत्तर प्रदेश में चुनाव

उत्तर प्रदेश में जिन विधानसभा सीटों पर चुनाव होने वाला है वह कुछ इस प्रकार है:

• टुंडला (फिरोजाबाद)
• स्वार (रामपुर)
• बुलंदशहर
• नौगांवा सादात (अमरोहा)
• घाटमपुर (कानपुर नगर)
• बांगरमऊ (उन्नाव)
• मल्हनी (जौनपुर)
• देवरिया सदर

इनमें से मल्हनी और स्वार पर समाजवादी पार्टी का कब्जा था तो वहीं दूसरी तरफ अन्य सीटों जैसे कि टूंडला, बुलन्दशहर, नौगांवा सादात, घाटमपुर, बांगरमऊ, देवरिया सदर पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा था।

UP Bypolls 2020

Uttar Pradesh By Election 2020: उत्तर प्रदेश में बना हुआ है राजनीति का माहौल

हाल ही में उत्तर प्रदेश के हाथरस गांव में दुष्कर्म की घटना हुई जिसके चलते प्रदेश में जमकर राजनीति की जा रही है। इस केस में मीडिया के द्वारा कुछ इस तरह से दिखाया गया है कि यह भी कंफर्म नहीं कहा जा सकता कि यह दुष्कर्म का मामला था या आपसी रंजिश का। जहां एक तरफ आसपास के गांव वालों का कहना है कि यह आपसी रंजिश का मामला था तो वही दूसरी तरफ मीडिया इसे गैंगरेप का मामला बता रहा है।

ऐसे में योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में सीबीआई जांच का फैसला किया है। वहीं दूसरी तरफ अन्य राजनीतिक दल योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार पर जमकर आरोप लगा रहे हैं। हाल ही में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पीड़िता के परिवार से मिले थे। वहीँ दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भी जंतर-मंतर पर एक जन आंदोलन आयोजित कर मनीषा के दोषियों को फांसी पर चढ़ाने की मांग की।

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