7 से अधिक कोरोना वैक्सीन परीक्षण में, विशेषज्ञों के अनुसार 75 फीसदी आबादी को लगाना होगा टीका!

Corona Virus Vaccine Latest Updates: हाल ही में कोरोना वायरस को लेकर अमेरिका के एंथनी फॉसी का बयान आया जिसमें उन्होंने कहा कि ‘कोरोना को रोकने के लिए 70 से 75 फीसदी आबादी को कोरोना का टीका लगाना होगा। कोरोना से ज्यादा प्रभावित देश में यह सबसे जरूरी है। हेंबर्ग यूनिवर्सिटी ने भी अपनी रिसर्च में यही पाया है’। कोरोना वायरस ने लोगों के दिल में ऐसी दहशत बनाई है कि  लोग इसकी वैक्सीन से भी डर रहे हैं। क्योंकि लोगों को इससे साइड इफ़ेक्ट होने का डर है। इस समय 7 से अधिक कोरोना वैक्सीन परीक्षण की  आखिरी फेज में हैं लेकिन लोगों में वैक्सीन का डर बना हुआ है।

Corona Virus Vaccine Latest Updates

रूस की वैक्सीन का पहला फेज तैयार

एक अंग्रेजी न्यूज़ पोर्टल के अनुसार रूस के द्वारा निकाला गया कोरोना का इलाज का पहला फेज तैयार हो चुका है। अगस्त माह के अंत तक कोरोना वैक्सीन का उत्पादन बड़े पैमाने पर भी शुरू कर दिया जाएगा। रूस ने पहले ही यह अनाउंसमेंट कर दी थी कि  अक्टूबर तक लोगों को वैक्सीन मिलना शुरू हो जाएगी। लेकिन जिस प्रकार की खबरें आ रही हैं हो सकता हैं कि (covid-19 vaccine) वैक्सीन का वितरण सितम्बर में ही शुरू हो जाए। अगस्त में ही इस वैक्सीन का काफी प्रोडक्शन शुरू कर दिया जाएगा।

भारत में लगातार बढ़ता कोरोना संक्रमण

भारत में जहां सरकार अब लॉकडाउन को धीरे-धीरे खत्म करते हुए अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर रही है तो वही कोरोना संक्रमण भी बढ़ता जा रहा है। बीते 24 घंटों में 59 हजार से भी ज्यादा मामले देखने को मिले हैं जिससे स्थितियों का आकलन किया जा रहा हैं। देश में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 26 लाख से भी अधिक हैं जो जल्द ही बढ़कर 27 लाख होने वाली है। इस महामारी की वजह से अब तक कुल 50,921 लोगों की मौत हो चुकी है। पूरी दुनिया में यह आंकड़ा 7.70 लाख से अधिक पहुच चुका है।

भारत कई वैक्सीन पर काम कर रहा है। रूस भी भारत को वैक्सीन देने वाला है। साथ में कुछ खबरें यह भी आ रही हैं कि भारत ब्रिटेन की ऑक्सफ़ोर्ड-एस्ट्राजेनेका और अमेरिका की मॉडेरना-NIAD फार्मा कम्पनियों से वैक्सीन खरीद सकता है।

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दक्षिणी एशियाई देशों में वैक्सीन पर बढ़ता भरोसा

जहाँ एक तरफ पश्चिमी सभ्यताओं के देशों में कोरोना की वैक्सीन को लेकर डर बढ़ता जा रहा है तो वहीं दक्षिणी एशियाई देशों में वैक्सीन पर भरोसा बढ़ रहा है। दक्षिण एशियाई देश जैसे कि भारत और पाकिस्तान के लोग कोरोना की वैक्सीन पर भरोसा कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार दक्षिणी एशियाई देशों के 95% से भी अधिक लोग कोरोना की वैक्सीन को भरोसेमंद और सुरक्षित मान रहे हैं, जबकि पश्चिमी देशों में इसके खिलाफ आंदोलन भी चल रहे हैं।

वैक्सीन का बढ़ता हुआ विरोध

रूस में वैक्सीन का निर्माण हो चुका हैं लेकिन विरोध भी लगातार बढ़ रहा है। कई संस्थाओं ने वैक्सीन के खिलाफ आंदोलन बढ़ाने  में भी मदद की है। ना केवल रूस बल्कि अमेरिका और यूरोप में भी लगातार कोरोना की वैक्सीन का विरोध बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सरकार ने रूस की वैक्सीन लेने से भी मना कर दिया है क्योंकि रूस ने वैक्सीन बनाने में कोई पारदर्शिता नहीं दिखाई।

हाल ही में वैक्सीन के विरोध करने वाले लोगों पर एक सर्वे किया गया तो पता चला कि लगभग 50% लोग शुरुआती समय में वैक्सीन नहीं लेना चाहते। इससे कारण साफ है कि यह लोगों के दिमाग में वैक्सीन के साइड इफेक्ट का डर बना हुआ है। न्यूयॉर्क में 42% और दक्षिण अफ्रीका में 48% लोगों ने इनकार कर दिया है।

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