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कब खुलेंगे स्कूल: कोरोना संकट के बीच भारत में इस दिन से खुल सकते हैं स्कूल और कॉलेज, जानिए जरुरी गाइडलाइन्स

School Reopening Latest Update: कोरोना वायरस ने देश में हर सेक्टर को हिला कर रख दिया है भले ही वह शिक्षा क्यों न हो। भले ही कई स्कूल और शिक्षण संस्था ऑनलाइन एजुकेशन को आगे बढ़ा रही है लेकिन अब भी यह एक नजरिए से दूषित शिक्षा प्रणाली के रूप में देखी जा रही  है। मार्च में सबसे पहली बार लॉक डाउन लगा था तब से ही सभी शिक्षण संस्थाएं बंद कर दी गई थी। अब नया शिक्षण सत्र शुरू हो चुका है लेकिन विद्यालयों के ना खुलने के वजह से अधिकतर विद्यार्थियों का भविष्य अनिश्चित हो गया है।

अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते अभिभावक

हाल ही में केंद्र सरकार ने एक सर्वे कराया था जिसमें उन्होंने अभिभावकों से पूछा कि क्या वह इन विपरीत परिस्थिति में अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हैं? अधिकतर अभिभावकों का जवाब नकारात्मक था। अधिकतर अभिभावक अपने बच्चो को अभी से स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं थे।

जिनके पास सुविधा नहीं, वो कैसे करें पढ़ाई?

कुछ राज्यों ने तर्क दिया है कि जिन छात्रों के पास इंटरनेट और लैपटॉप जैसी सुविधा नहीं है वह ऑनलाइन शिक्षा नहीं ले पा रहे हैं जिस वजह से बच्चों की पढ़ाई पर काफी नेगेटिव असर पड़ रहा है। जिन राज्यों में कोरोना के केस अधिक नहीं है उन पर दबाव है कि वह जल्द से जल्द स्कूलों को खोलें ताकि बच्चों की पढ़ाई शुरू हो सके।

अनलॉक 4.0 में स्कूलों के लिए क्या होगा?

अगले महीने के 1 तारीख से अनलॉक 4.0 शुरू होने वाला है जिसमें स्कूलों को केंद्र सरकार की तरफ से कुछ छूट मिल सकती है। कहा जा रहा है कि 1 सितम्बर से 14 नवम्बर तक चरणबद्ध स्कूलों को खोला जाएगा। राज्य सरकार अपने हालातों के अनुसार शिक्षा प्रणाली अपने राज्य में नियंत्रण कर सकती है।

पहले 15 दिन कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों को कक्षाओं में बुलाया जाएगा। अगर स्कूल में कक्षा 10 के 4 वर्ग हैं तो केवल 2 वर्गों को बुलाया जाएगा। इसके बाद 6th से लेकर 9th तक की कक्षाओं को बुलाया जाएगा और उन्हें पढ़ाया जाएगा। पढ़ाई के समय को 5-6 घण्टे से घटाकर 2 से 3 घण्टे कर दिया जाएगा।

कहा जा रहा है कि स्कूलों को दो शिफ्ट में चलाया जाएगा। सुबह 8:00 से 11:00 बजे तक पहली शिफ्ट होगी और 12 से 3 बजे तक दूसरी शिफ्ट होगी। बीच के एक घण्टे के समय में स्कूल को सेनिटाइज किया जाएगा। जिन स्कूलों में कक्षाओं के अधिक सेक्शन है वहाँ कुछ सेक्शन एक दिन और कुछ सेक्शन अगले दिन बुलाये जाएंगे।

खैर, इस समय सरकार अधिक छोटे बच्चों जैसे की प्राइमरी और प्री-प्राइमरी स्कूल के स्टूडेंट्स के स्कूल नहीं लेने वाली है। क्योंकि छोटे बच्चों का इम्यूनुटी सिस्टम अधिक कमजोर होता है जिससे उन्हें बीमारी का खतरा भी अधिक होता है। एक राहत देने वाली बात यह है कि शायद जल्द ही कोरोना की दवाई हमारे पास होगी, और कई कोरोना वैक्सीन भी ट्रायल स्तिथि में हैं, अतः अब लोग इस बीमारी को लेकर निश्चिन्त भी होने लगे हैं।

राज्यों की स्थितियों पर होगा सब कुछ निर्भर

ऐसा नही है कि हर राज्य में स्कूल खोले जाएंगे। राज्य सरकार अपने राज्य में होने वाले केसों के अनुसार शिक्षा प्रणाली का नियंत्रण कर सकती है। दिल्ली सरकार अभी स्कूल खोलने को तैयार नहीं है और वहीं जिन राज्यों में कोरोना के कम केस हैं वहाँ अगले महीने से स्कूल खोले जा सकते हैं।

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