PM Narendra Modi UNGA Speech: यूएन में पीएम मोदी का भाषण; संयुक्त राष्ट्र संघ की अहमियत पर उठाये सवाल, जानें भाषण से जुड़ी अहम बातें!

PM Narendra Modi UNGA Speech: शनिवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण (PM Modi Speech 2020) में तीसरी बार संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) को सम्बोधित किया। अपने 22 मिनट के भाषण में नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ (UNGA) की अहमियत पर सवाल उठाये। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता का जिक्र करते हुए कहा कि आखिर भारत कब तक इन्तेजार करेगा? इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि भारत कोरोना वायरस के निवारण करने वाली वैक्सीन का सबसे बड़ा उत्पादक देश बनेगा। आइये इस भाषण की कुछ महत्वपूर्ण बातों (PM Narendra Modi UNGA Speech Important Points) पर नज़र डालते हैं।

PM Narendra Modi UNGA Speech

 

1. सुरक्षा परीषद में बदलाव जरूरी:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि साल 1945 की स्थिति के अनुसार सुरक्षा परिषद का गठन हुआ था। उस समय स्थितियां अलग थी और आज के समय परिस्थितियां अलग है तो ऐसे में सुरक्षा परिषद में बदलाव जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने कहा कि जिस संस्था का गठन उस समय की स्थिति के अनुसार हुआ था वह आज भी वैसी ही है। इसमें बदलाव लाने की जरुरत है।

PM Narendra Modi UNGA Speech

2. संयुक्त राष्ट्र पर उठाये सवाल:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने बिना किसी देश का नाम लिए संयुक्त राष्ट्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि उपलब्धियों का मूल्यांकन किया जाए, तो कई उपलब्धियां मौजूद हैं। संयुक्त राष्ट्र की मौजूदगी में तृतीय विश्व युद्ध भी नहीं हुआ लेकिन अनेक युद्ध हुए और कई आतंकी हमले भी हुए जिनसे कई देशों की व्यवस्थाओं पर गहरा असर पड़ा। ऐसी स्थिति में संयुक्त राष्ट्र का नेतृत्व कहा था? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया के कोरोना वायरस (Covid-19) के साथ चल रहे संघर्ष में संयुक्त राष्ट्र की महत्वता पर सवाल उठाया।

 

3. संयुक्त राष्ट्र में भारत की भूमिका पर सवाल:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में भारत की भूमिका को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर कब तक भारत को संयुक्त राष्ट्र के डिसीजन मेकिंग स्ट्रक्चर से अलग रखा जाएगा। भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और 18 फीसदी से ज्यादा जनसंख्या के साथ कई विभिन्नताएं हैं। सेकड़ों वर्षों से भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का नेतृत्व भी कर रहा है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र के रिफॉर्म को लेकर चल रही प्रॉसेस के पूरा होने का इंतजार ये देश कब तक करेगा?

PM Narendra Modi UNGA Speech

4. संयुक्त राष्ट्र में अपनी भूमिका देखता है भारत:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत का पक्ष रखते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र में भारत अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका रख सकता है। भारत की दार्शनिक सोच ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की है, जिसका मतलब भारत पूरे विश्व को एक परिवार मानता है। पूरे विश्व को अपना परिवार समझना ही भारत की संस्कृति है, और ऐसे में संयुक्त राष्ट्र में भारत की अहम भूमिका होनी चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि 50 पीसकीपिंग मिशन में शांति की स्थापना के उद्देश्य से अपने जाबाज भेजे थे।

5. विपरीत समय में भी किया सबका सहयोग:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण के दौरान यह भी कहा कि भारत ने कोरोना वायरस के कारण पैदा हुई विपरीत स्थितियों में भी अन्य देशों की मदद की है। मुश्किल समय के बावजूद भी भारत की फार्मा इंडस्ट्री ने 150 देशों को दवाइया भेजी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बात का दावा भी किया कि भारत की वैक्सीन प्रोडक्शन और डिलिवरी की क्षमता पूरी मानवता को इस संकट से बाहर निकालेगी। उन्होंने यह भी बताया कि देश कोरोना वैक्सीन के फ़ेज 3 क्लिनिकल ट्रायल में आगे बढ़ रहा है।

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