सरकारी नौकरियों के लिए जल्द बनाई जाएगी ‘नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी’, जानें क्या हैं इसके फायदे

Common Exam For Govt Jobs, National Recruitment Agency: सरकारी नौकरी प्राप्त करना हर मध्यम वर्ग भारतीय परिवार के छात्रों का सपना होता है। इसके लिए जो मेहनत करते हैं वह नौकरी प्राप्त कर भी लेते हैं। सरकार नौकरी प्राप्त करने के लिए गवर्नमेंट के द्वारा आयोजित होने वाली रिक्रूटमेंट परीक्षा में पास होना होता है। लेकिन इसके अलावा भी अन्य कई टेस्ट होते हैं जिसमें सरकार और युवाओं दोनों का ही समय खपता है। इस समस्या से निपटने के लिए अब सरकार ‘नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी’ (National Recruitment Agency) बनाने वाली है।

क्या है नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी?

नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी सरकार का एक ऐतिहासिक फैसला है। यह संस्था सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले लोगों का कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट लेगी। शुरुआत में नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी में 3 परीक्षाओं एसएससी (स्टाफ सिलेक्शन कमीशन), आरआरबी (रेलवे) और आईबीपीएस (बैंक्स) को शामिल किया जाएगा। यह वो सरकारी परीक्षा आयोजक हैं जिनमें सबसे अधिक लोग बैठते हैं।

सोसाइटी एक्ट के अनुसार नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी एक स्वायत्त संस्था होगी। यह कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट का एग्जाम करवाएगी और इसके लिए हर जिले में कम से कम एक एग्जाम सेंटर तैयार किया जाएगा। नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी एसएससी, आरआरबी और आईबीपीएस के लिए ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित करेगी। यह परीक्षा 12 भाषाओं में ली जाएगी और आगे इनमें अन्य भाषाओं को भी जोड़ा जाएगा। इस एग्जाम का स्कोर 3 साल के लिए मान्य होगा यानी की केंडिडेट के पास अपने स्कोर को सुधारने का मौका होगा।

National Recruitment Agency will be conduct the Common Exam For Govt Jobs formed soon

जानें क्या है नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी के फायदे?

• नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी में एक फीस होती है जिससे हर एग्जाम में अलग अलग फीस भरने से छुटकारा मिलेगा।
• अभी अन्य शहरों में एग्जाम सेंटर बनाये जाते हैं जिससे बाहर के लोगों को वहाँ जाने में पैसा खर्च करना पड़ता हैं। एनआरए के तहत हर शहर में सेंटर बनाये जाएंगे। ग्रामीण कैंडिडेट्स को भी इससे काफी फायदा होगा।
• एग्जाम की डेट क्‍लैश होने की समस्या से स्टूडेंट्स काफी पहले से परेशान हैं। नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी के आने के बाद से इस तरह की समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
• अलग-अलग परीक्षाओं के आयोजन से इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ जाती है जो की एक बड़ी समस्या है। कॉमन परीक्षा होने से इसमें राहत मिलेगी।
• हर एग्जाम का कार्यक्रम अलग-अलग होता हैं जिस वजह से बार-बार तैयारी भी करनी पड़ती थी। लेकिन कॉमन एग्जाम होने की वजह से अब ऐसा नही होगा।
• सरकार की तरफ से सुदूर इलाके के लोगों को 24*7 हेल्पलाइन उपलब्ध कराई जाएगी।
• नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी के लिए एक कॉमन रजिस्ट्रेशन पोर्टल बनाया जाएगा जिससे परीक्षा के लिए आवेदन किया जा सकेगा।

Leave a Comment