आयकर विभाग का आदेश, रुपे कार्ड और भीम-यूपीआई जैसे डिजिटल ट्रांजैक्शनों पर अब कोई शुल्क नहीं, जानें वजह!

CBDT Asked Refund For UPI, BHIM Charge Deduction: कुछ समय पहले सरकार ने इस बात का आदेश दिया था कि रुपे कार्ड और भीम यूपीए से होने वाले ट्रांजेक्शन पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। लेकिन इसके बावजूद भी कुछ बैंक ग्राहकों से पैसे वसूल रहे थे। ऐसे में सरकार का डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने का सपना कहीं न कहीं अधूरा रह जाता। यही कारण है कि अब आयकर विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि रुपे कार्ड और भीम यूपीआई से किये जाने वाले ट्रांजेक्शन में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने के लिए जारी किये निर्देश

सरकार ने पिछले साल अर्थव्यवस्था में नकदी को कम करने के लिए और डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने के लिए कुछ निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों में से एक मुख्य निर्देश यह भी था कि जनवरी से रुपे कार्ड और भीम यूपीआई जैसे पेमेंट ट्रांजैक्शन माध्यमों पर कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन आयकर विभाग के आदेशों के बाद भी कई बैंकों ने यूपीआई और रुपे कार्ड के ट्रांजैक्शन आदि में शुल्क लिए।

दरअसल सीबीडीटी यानी की केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से लेन-देन करने के लिये आयकर कानून की धारा 269-एसयू को पेश किया था। इसमें कहा गया था कि इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से लेनदेन करने पर बैंकों को किसी भी प्रकार का शुल्क लेना मना होगा। इस धारा में कहा गया था कि बैंक इन माध्यमों से होने वाले लेन-देन में ग्राहकों से शुल्क नहीं ले सकते।

No charge will be levied on digital transactions like Rupay, Bhim UPI, check details

पहली जनवरी से अब तक की वसूली करें रिफंड

आयकर विभाग ने उन सभी बैंकों को सख्त हिदायत दी है कि वह 1 जनवरी से अब तक की वसूली को ग्राहकों को रिफंड करें। यानी कि बैंकों ने यूपीआई ट्रांजैक्शन और रुपे कार्ड के ट्रांजैक्शनों पर ग्राहकों से जो पैसे वसूले हैं अब वह पैसे उन बैंकों को ग्राहकों को वापस करना होगा। यह आयकर विभाग की बैंकों को सख्त हिदायत है। आयकर विभाग के आदेश ना मानने पर बैंकों  पर कार्यवाही भी की जा सकती है।

जानें क्या कहा सीबीडीटी ने?

सीबीडीटी ने बैंको को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि पिछले साल ही यह तय कर दिया गया था कि कुछ चिन्हित इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से होने वाले ट्रांजेक्शन पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके बावजूद भी कई बैंक अलग अलग तरीकों से इन माध्यमों पर वसूली कर रहे हैं। कुछ बैंक एक निश्चित संख्या के बाद वसूली करने लगते हैं। इसलिए यह प्रावधानों का उल्लंघन है। बैंकों  को वसूली गयी यह राशि वापस करनी होगी।

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