Pitru Paksha 2020: श्राद्ध के दिनों में केवल 5 रुपये से करें अपने पितरों को प्रसन्न, जानें कैसे?

Pitru Paksha, Shardha 2020: भारतीय सभ्यता में श्राद्ध के दिन काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2020) के दिनों में हर परिवार अपने मृत परिजनों के लिये श्राद्ध (Shardha 2020) कर्म करता है, जिसका उद्देश्य उनका आशीर्वाद प्राप्त करना होता है। भारतीय मान्यताओं के अनुसार इस समय यमराज पूर्वजों को अपने परिजनों से मिलने के लिये मुक्त कर देते हैं। इसलिए उनको श्राद्ध (Shardha 2020) के जरिये प्रसन्न किया जाता है। श्राद्ध के दौरान पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए और पितृ दोष से मुक्त होने के लिये उन्हें प्रसन्न करना जरूरी है, जिसमें यह 5 चीजें आपकी सहायता कर सकती है:

जल

Shardha 2020

पूर्वजों (पितरों) को उनके परिजनों के द्वारा अर्पित किये गए जल से सन्तुष्टि मिलने की मान्यता है। कहा जाता है कि जल ही जन्म से लेकर मोक्ष तक साथ रहता है। पितरों को जल अर्पण करने से घर में कभी धन-धान्य और समृद्धि की कमी नहीं रहती है। तर्पण विधि से पितृ जल्द ही प्रसन्न होते हैं। तर्पण विधि हाथ में कुश और जल में काले तिल मिलाकर की जाती है।

कुश

Shardha 2020

कुश एक प्रकार की घास होती है, जिसे पवित्र माना जाता है। कुश का उपयोग श्राद्ध के अलावा भी अन्य कई कार्यक्रमों और पूजाओं में किया जाता है। कुश के बारे में मान्यता है कि यह भगवान विष्णु के रोम से उत्पन्न हुई है। कहा जाता है कि कुश के द्वारा अर्पित किया जाने वाला जल सीधा पितरों को प्राप्त होता है इसलिए इसे शुद्ध और जरूरी माना जाता है। कहा जाता है कि श्राद्ध कर्म बिना कुश के पूरे नहीं होते हैं।

अक्षत

Shardha 2020

पितरों के लिए अक्षत अर्थात शुद्ध चावल जरूरी माने जाते हैं। कहा जाता है कि अक्षत पितरों के लिए प्रथम भोज होता है। चावल (अक्षत) के साथ तिल का प्रयोग पितृपक्ष में ही किया जाता है। पायस अन्न पिंड में भी चावल मिलाया जाता है। कहा जाता है कि चावल के पायस अन्न पिंड से पितृ लम्बे समय तक संतुष्ट रहते है। यही कारण है कि इन दिनों में अक्षत का विशेष महत्व स्वीकारा गया है।

तिल

Shardha 2020

पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2020) के दौरान तिल की काफी मान्यता है। कहा जाता है कि तिल भगवान श्री हरी विष्णु के पसीने से उत्पन्न हुआ है इसलिए इसे पवित्र माना जाता है। कहा जाता है कि अगर मरने वाले व्यक्ति से तिल का दान करवाया जाता है तो उस दान से असुर, दैत्य और दानव भाग जाते हैं। इनसे श्राद्ध करने पर पितरों की आत्मा को सन्तुष्टि मिलती है।

आसानी से बाजार में मिल जाएँगी यह वस्तुएँ 

यह सभी वस्तुए पितरों को प्रसन्न करने के लिए आवश्यक मानी जाती है। अगर इन वस्तुओं से श्राद्ध न किया जाए, तो श्राद्ध क्रिया अपूर्ण रहती है। खास बात यह है कि यह सभी वस्तुएँ बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाती है और काफी कम कीमत में मिल जाती है। अगर आप चाहें  तो आपके द्वारा किया गया श्राद्ध इन वस्तुओं की मदद से 5 रुपये में भी पूरा हो जायेगा।

ये सभी भौतिक चीजें हैं, इसके अलावा भी एक अभौतिक चीज और है जो है श्रद्धा, जिसके बिना श्राद्ध (Shardha 2020) का कोई महत्व नहीं रह जाता है। इसलिए पितरों को प्रसन्न करने के लिए श्राद्ध करते समय सबसे ज्यादा जरूरी है श्रद्धा। इसलिए पितृ पक्ष में जो भी कार्य करें, वह पूरी श्रद्धा के साथ करें।

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