ऑनलाइन टीचिंग और ई-लर्निंग के लिए महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है स्वयं प्रभा, कर सकते हैं 9वीं से पीजी तक की पढ़ाई!

Swayam Prabha Platform For Online Education And Teaching: कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के चलते सभी शिक्षण संस्थान, जैसे स्कूल और कॉलेज बंद हैं। ऐसे में स्टूडेंट्स की पढाई एक चिंता का विषय बन रहा है। तेजी से भाग रही दुनिया में खुद को पीछे रखने की गलती हम नहीं कर सकते। इसलिए सरकार भी स्टूडेंट्स को ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने की सलाह दे रही है। स्वयं प्रभा ऑनलाइन टीचिंग और लर्निंग का महत्वपूर्ण प्लेटफार्म है। इसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन ने 9 जुलाई 2017 को माइक्रोसॉफ्ट की मदद से शुरू किया था। यह प्लेटफार्म 2000 कोर्स के साथ लर्नर्स को फ्री एक्सेस प्रदान करता है, इसके साथ ही कक्षा 9 से पोस्ट ग्रेजुएशन तक के लिए कोर्सेज का संचालन भी करता है।

जानिए क्या है स्वयं प्रभा

स्वयं (SWAYAM) का अर्थ है स्टडी वेब्स ऑफ एक्टिव – लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंडस। यह प्लेटफार्म 32 डीटीएच (डायरेक्ट टू होम) चैनल्स का समूह है जो उच्च गुणवत्ता वाले प्रोग्राम्स को टेलीकास्ट करता है। इसमें रोजाना चार घंटे के नए कंटेंट का प्रोग्राम टेलीकास्ट किये जाते हैं। इसके कंटेंट और स्टडी मैटेरियल, नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एनहांस्ड लर्निंग, आइआइटी, एनआइओएस, एनसीइआरटी, यूजीसी, इग्नू और सीइसी ने बनाये हैं। इसके अलावा इसके 203 पार्टनर इंस्टीट्यूट्स कंटेंट्स के डवलपमेंट में योगदान भी देते हैं। इसके द्वारा जारी किए जाने वाले कंटेंट को आप www.swayamprabha.gov.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन देख सकते हैं।

जानिए स्वयं प्रभा की विशेषताएं 

स्वयं प्रभा प्लेटफार्म में टीचर्स की ट्रेनिंग के लिए मॉडयूल्स के साथ साथ कक्षा 9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए लर्निंग टूल्स भी  दिए जाते हैं। इसके अलावा ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर भी सभी कोर्सेज की पढ़ाई करवाई जाती है और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती है। इसमें डायरेक्ट टीचिंग का काम भी किया जाता है, जिसमें जरूरत के मुताबिक वीडियो, पावर प्वॉइंट प्रेजेंटेशन, एनीमेशन, पॉडकास्ट आदि के माध्यम से छात्रों को समझाया जाता है। इसमें ई-कंटेंट के रूप में ई-बुक्स, इलस्ट्रेशंस, केस स्टडीज, ओपन सोर्स कंटेंट्स, रेफरेन्स लिंक्स आदि भी शामिल किये जाते हैं। इसके माध्यम से पढ़ने वाले स्टूडेंट्स अन्य स्टूडेंट्स या फैकल्टी मेम्बर से अपने सवाल पूछ सकता है और कन्फ्यूजन क्लियर कर सकता है। सेल्फ असिस्टमेन्ट के तौर पर मल्टीपल क्वेश्चन्स, क्विज या फिर शॉर्ट-आंसर टाइप क्वेश्चन्स दिए जाते हैं।

जानिए चैनल्स पर कवर किए जाने वाले कोर्स

  • चैनल 1-10 : इन सभी चैनलों को सीईसी या यूजीसी कंडक्ट करती है। इसमें लैंग्वेज, लिटरेचर, इतिहास, पॉलिटिकल साइंस, इकोनॉमिक्स, सोशियोलॉजी, मैनेजमेंट, लाइब्रेरी साइंस के कंटेंट टेलीकास्ट किये जाते हैं।
  • चैनल 11-18 : इन चैनलों को एनपीटीइएल कंडक्ट करती है। इसमें इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर साइंस, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंसेज के कंटेंट टेलीकास्ट किये जाते हैं।
  • चैनल 19-22 : आईआईटी दिल्ली इन चैनलों को हाईस्कूल स्टूडेंट्स के लिए कंडक्ट करती है, यहां मैथमेटिक्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के सब्जेक्ट मैटर का टेलीकास्ट किया जाता है। इन्हें आईआईटी पाल भी कहा जाता है।
  • चैनल 23-26 : इन चैनलों को इग्नू लिबरल आर्ट्स, एग्रीकल्चर, वोकेशनल सब्जेक्ट्स और ओपन यूनि. के प्रोग्रामों के लिए टेलीकास्ट करती है।
  • चैनल 27-28 : एनआईओएस चैनल नंबर 27 पर नवीं और दसवीं का कंटेंट और चैनल 28 पर ग्यारहवीं और बारहवीं के स्टूडेंट्स के स्टडी मैटेरियल्स को टेलीकास्ट करता है।
  • चैनल 29-30 : ये दोनों चैनल आईआईटी मद्रास द्वारा इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के साथ-साथ मैथमेटिक्स के स्टडी मटीरियल के लिए टेलीकास्ट करता है।
  • चैनल 31-32 : इन दोनों ही चैनल्स पर स्कूल और टीचर एजुकेशन पर आधारित कंटेंट टेलीकास्ट करते हैं।

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