तो ये थे पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के तीन साहसिक फैसले, जो हमेशा याद किये जाएंगे!

3 Bold Decisions of Former President Pranab Mukherjee: भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का स्वास्थ्य पिछले कुछ समय से अच्छा नहीं था। बीच में खबर भी आयी कि उनका निधन हो चुका है लेकिन वह झूठी था। लेकिन लम्बी बीमारी के बाद सोमवार को उनका 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। राजनीतिक दांव-पेंच से दूर रहकर देश के विकास के लिए कार्य करने वाले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी देश के 13वें राष्ट्रपति थे। अपने कार्यकाल में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कुछ ऐसे साहसिक फैसले लिए थे, जिनके कारण उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा।

आतंकवादियों को दिलाई फांसी

अपने राष्ट्रपति कार्यकाल में महामहिम पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आतंकवादी अफजल गुरु, याकूब मेनन और अजमल कसाब को फांसी दिलवाने में अहम भूमिका निभाई थी। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल में 1993 में हुए मुम्बई के सीरियल धमाकों के दोषी याकूब मेनन, संसद भवन पर हुए हमले के दोषी अफजल गुरु, मुम्बई 26/11 हमले के दोषी अजमल कसाब को फांसी दी गयी। अजमल कसाब को 2012 में, अफजल गुरु को 2013 में और याकूब मेनन को 2015 में फांसी दी गयी थी।

Pranab Mukherjee

दुष्कर्म के मामलों में नहीं दी क्षमा

अपने कार्यकाल के दौरान पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास करीब 37 क्षमा याचनायें आयी थी। अधिकतर याचनाओं में उन्होंने कोर्ट के द्वारा सुनवाई करवाई और जो सजा कोर्ट ने सुनाई उसे बरकरार रखने दिया। लेकिन कार्यकाल के अंतिम समय में उनके पास दुष्कर्म के 2 मामलों में क्षमा याचना आयी थी, लेकिन इन मामलो में उन्होंने आरोपियों को क्षमा देने से साफ मना कर दिया। इनमें से एक मामला मध्य प्रदेश से था, और दूसरा मामला महाराष्ट्र के पुणे से था।

4 लोगों को दिया जीवनदान

प्रणब मुखर्जी ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल में 4 लोगों को मिली फांसी की सजा को आजीवन कारावास की सजा में बदल दिया। प्रणब मुखर्जी के द्वारा लिए गए इस फैसले को एक साहसिक कार्य माना जाता है। दरअसल साल 1992 में बिहार में अगड़ी जाती के लोगों की हत्या करने वाले 4 दोषियों को अदालत में फाँसी की सजा सुनाई गयी थी, जिसे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आजीवन कारावास में बदल दिया। इन लोगों के नाम प्राप्त कृष्णा मोची, नन्हे लाल मोची, वीर कुंवर पासवान और धर्मेंद्र सिंह थे।

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जानें पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बारे में

प्रणब मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति थे। 26 जनवरी 2019 को उन्हें उनके साहसिक कार्य और बेहतरीन कार्यकाल के लिए भारत रत्न से पुरुस्कृत किया गया था। प्रणब मुखर्जी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे थे। उनका  कार्यकाल 25 जुलाई 2012 से लेकर 25 जुलाई 2015 तक था। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन ने उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित किया था। 31 अगस्त 2020 को उनकी मृत्यु हो गयी।

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