University Exam Updates: UGC का ऐलान, सितम्बर तक होंगे 366 यूनिवर्सिटी के फाइनल ईयर एग्जाम

University Exams Update: कोरोना महामारी के कारण हर क्षेत्र में फर्क पड़ा है चाहे वह व्यापार का क्षेत्र हो या फिर शिक्षा का क्षेत्र। शिक्षा के क्षेत्र में लम्बे समय से शिक्षण संस्थानों के बन्द होने की वजह से छात्रों को गहरा नुकसान हुआ है। लेकिन इसके बावजूद भी कई शिक्षण संस्थान आपदा को अवसर में बदलते हुए छात्रों को ऑनलाइन पढाई करवा रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत परिक्षाओं की है। पिछले काफी समय से फाइनल ईयर के छात्र परीक्षाओं को लेकर चिंतित थे लेकिन अब यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने परीक्षा समय का एलान करके उनकी चिंता खत्म कर दी है।

सितम्बर तक होंगे 366 यूनिवर्सिटीज के फाइनल ईयर एग्जाम

यूजीसी अर्थात यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के निर्देश के अनुसार यह बताया जा रहा है कि फाइनल ईयर के छात्रों का एग्जाम अगस्त या सितम्बर में लिया जाएगा। एग्जाम लेने के लिए यूनिवर्सिटीज को पूरी गाइडलाइंस का पालन करना पड़ेगा। अपनी गाइडलाइंस में यूजीसी ने यह साफ लिखा है कि सितम्बर तक छात्रों का एग्जाम करवाना अनिवार्य है।

3 मोड में होंगी परीक्षाएं

यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन ने यूनिवर्सिटीज की परीक्षा लेने के लिए 3 मोड चुनने की बात कही है। पहला मोड ऑनलाइन मोड होगा जिसमें छात्रों की ऑनलाइन परीक्षा ली जाएगी। दूसरा मोड ऑफलाइन मोड होगा जिसमें छात्रों की सुरक्षा के साथ ऑफलाइन परीक्षा ली जाएगी। इसके बाद तीसरा मोड ऑनलाइन मोड और ऑफलाइन मोड का मिक्सचर होगा। इस मोड में यूनिवर्सिटीज दोनो मोड्स का इस्तेमाल करते हुए कम समय में अधिक परीक्षाएं ले सकती हैं। यूनिवर्सिटीज अपनी सुविधा के अनुसार मोड तय कर सकती हैं।

कई राज्यों में गाइडलाइंस का विरोध

एक मशहूर न्यूज़ पोर्टल की रिपोर्ट का कहना है कि कई राज्यों जैसे की दिल्ली, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु आदि में यूजीसी की गाइडलाइंस का विरोध चल रहा है और इस गाइडलाइंस को वापस लेने की मांग की जा रही है। इस विरोध में फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षा न लेने की मांग की जा रही है। कहा जा रहा है कि इस तरह से परीक्षा लेने के लिए काफी खतरा हो सकता है अतः ऐसे समय में परीक्षा न लेना ही सबसे बेहतरीन विकल्प है। कई राज्यों के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इन गाइडलाइंस को वापस लेने की माँग की है।

यूजीसी के पूर्व चेयरमैन ने भी की परीक्षा रद्द करने की मांग

कई राज्य सरकारों के मुख्यमंत्री के साथ यूजीसी के पूर्व चेयरमैन ने भी केंद्र सरकार को पत्र लिखकर परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि ‘जो लोग परीक्षाओं को रद्द करने से डिग्री की वेल्यु कम होने का तर्क दे रहे हैं उन्हें यह भी समझना चाहिए की दोषपूर्व वर्चुअल एग्जाम्स से भी डिग्री की वेल्यु नहीं बढ़ेगी’। उनकी यह बात काफी हद तक सही भी हैं क्योंकि वर्चुअल एग्जाम्स में कई दोष देखे जाते हैं।

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