Immunity Booster: क्या है रोगों से लड़ने वाला इम्यूनिटी बूस्टर, किस तरह से बढ़ाएं अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता, जानिए पूरी डिटेल!

What Is Immunity Booster: कुछ दिन पहले देश भर में आयुर्वेद दिवस मनाया गया था। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी रोगों से लड़ने के लिए इम्युनिटी बूस्टर (Immunity Booster) के बारे में जिक्र किया था। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि आयुर्वेद का प्रयोग दादी और नानी के नुस्खों में होता रहा है। परन्तु क्या आप जानते हैं यह इम्युनिटी बूस्टर आखिर क्या है? कोरोना काल में आयुर्वेद के इन्हीं नुस्खों का घर-घर में प्रयोग किया गया। तो आईये बात करते हैं पीएम मोदी के साथ आयुष मंत्रालय ने किन किन इम्युनिटी बूस्टर का प्रयोग देश और दुनिया भर में किया जा रहा है:

Immunity Booster

Immunity Booster: इम्युनिटी बूस्टर के लिए ये सामान्य प्रकार उपयोग में लें

इसमें दिन भर गर्म पानी का प्रयोग करना और 30 मिनट के लिए योगासन, प्राणायाम और ध्यान लगाना शामिल है। इसके अलावा खाना बनाने में हल्दी, जीरा, धनिया, और लहसुन जैसे गरम मसलों का प्रयोग करना शामिल है।

How To Increase Immunity: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इसे प्रयोग में लें

सुबह के समय 1 ग्राम (1 चम्मच) च्यवनप्राश लें, डायबिटीज के मरीजों को शुगर फ्री च्यवनप्राश लेना चाहिए। इसके अलावा तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सोंठ, मुनक्का से तैयार हर्बल चाय या काढ़ा दिन में 2 बार प्रयोग करें। स्वाद के लिए गुड़ या नीम्बू रस मिला सकते हैं। इसके अलावा गोल्डन मिल्क के लिए 150 मिली गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर दिन में 1 या 2 बार ले सकते हैं।

अनुनासिक प्रयोग: नाक में घी या नारियल तेल डालें

इसके अंतर्गत सुबह या शाम नाक के दोनों छिद्रों में तिल का तेल, नारियल तेल अथवा घी लगा सकते हैं। इसमें दूसरा प्रयोग ऑयल पुलिंग थैरेपी कहलाता है, इसमें एक चम्मच तिल अथवा नारियल का तेल मुँह में रखें परन्तु पियें नहीं। उसके बाद 2 से 3 मिनट मुँह में हिलाएं और गर्म पानी के कुल्ले के साथ थूक दें। इस प्रयोग के दिन में 1 से 2 बार करना चाहिए।

सूखी खांसी या गले में खरास होने पर अपनायें यह प्रयोग 

इसके अंतर्गत दिन में 1 बार ताजे पुदीने की पत्तियों या अजवाइन के साथ भाप लिया जा सकता है। अगर सूखी खांसी है तो 2-3 बार गुड़/शहद के साथ लौंग पाउडर मिला कर ले सकते हैं। यह प्रयोग सामान्य सूखी खांसी के गले की खरास के लिए करना चाहिए।  हालांकि इन लक्षणों के बने रहने पर डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए।

जानिए आयुर्वेद के अनुसार खानपान और लाइफस्टाइल कैसी होनी चाहिए 

  • खाना हमेशा ताजा, गर्म, और पचने में आसान होना चाहिए, जिसमें साबुत अनाज, मौसमी सब्जियों आदि शामिल होना चाहिए।
  • उबले हुए अर्क, तुलसी के पत्ते और हल्दी के साथ उबला हुआ पानी इस्तेमाल करना चाहिए।
  • चुटकी भर काली मिर्च के साथ शहद भी खांसी के लिए बेहद फायदेमंद रहता है।
  • हमेशा ठंडे, जमे हुए चीजों को खाने से बचना चाहिए।
  • हमेशा ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहिये।
  • हमेशा 8 से 10 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए और योगासन-प्राणायाम करना चाहिए।

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