France Security Bill: क्यों हो रहा है दो सप्ताह से फ्रांस की सड़कों पर विरोध, जानें क्या हैं कारण?

France Security Bill: फ्रांस की सड़कों पर पिछले कुछ दिनों से सरकार के खिलाफ जमकर विरोध चल रहा है। इस विरोध का मुख्य कारण वह सुरक्षा बिल है जिसे 24 नवम्बर को पारित किया गया। इसके पारित होने से पहले से ही बिल का विरोध होना शुरू हो गया और बिल के पारित होने के बाद से विरोध प्रदर्शन ने और भी रफ्तार पकड़ ली है। इस बिल का विरोध मानवाधिकारों के पक्ष में काम करने वाले लोगों से लेकर रिपोर्टर्स व लेखक भी कर रहे हैं। इसके अलावा बिल का समर्थन करने वाले लोगों की संख्या भी कम नहीं है। विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों का कहना है कि सरकार इस बिल के माध्यम से सूचनाओं की आजादी पर प्रतिबंध लगा रही है।

जानें क्या कह रही है फ्रांस की सरकार

फ्रांस के कुछ इलाकों में सरकार के द्वारा पारित किए गए इस बिल को लेकर जमकर विरोध किया जा रहा है। सरकार का इस बिल को लेकर जवाब है कि बिल में पुलिसकर्मियों की तस्‍वीरों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को उन्‍हें नुकसान पहुंचाने के मकसद से किया गया अपराध करार दिया गया है। इस बिल के मुताबिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तस्‍वीरों के साथ उनकी पर्सनल जानकारी दिया जाना अपराध की श्रेणी में आएगा। सरकार का कहना है कि यह बिल पुलिस ऑफिसर्स की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। फ्रांस की सरकार का मानना है कि इस प्रकार की हरकतों से पुलिस कर्मियों को मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

France Security Bill

अपराधियों को दी जाएगी 2 साल की सजा या चुकाना पड़ेगा 45 लाख का जुर्माना

फ्रांस की सरकार के द्वारा इस बिल को परिक्त करने के बाद अब इस प्रकार के अपराध करने वाले लोगों को एक वर्ष की सजा या और करीब 45 लाख तक का जुर्माना चुकाना पड़ेगा। फ्रांस की नेशनल असेंबली में इस बिल के समर्थन में 388 वोट पड़े जबकि विरोध में मिले वोटो की संख्या 104 है, वही 69 सदस्य अनुपस्थित थे। फिलहाल इस बिल पर उच्च सदन में चर्चा होना बाकी है। सोशल मीडिया पर काफी सारे लोग इस बिल का समर्थन करते हुए भी नजर आ रहे हैं, तो वहीं सड़कों पर इस बिल का जमकर विरोध देखा जा रहा है। अगर उच्च सदन में यह बिल पारित कर दिया जाता है तो यह एक नया कानून बन जाएगा और इसी कारण फ्रांस की सड़कों पर इस बिल को लेकर विरोध देखा जा सकता है।

इंटरनेट के माध्यम से शिकार बन रहे पुलिसकर्मियों को बचाना चाहती है सरकार

सरकार का कहना है कि वह इंटरनेट के माध्यम से शिकार बन रहे पुलिसकर्मियों को बचाना चाहती है। काफी सारे लोग भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि पुलिसकर्मियों की प्राइवेसी लीक करना सही बात नहीं है क्योंकि वह भी इंसान ही है। पुलिसकर्मियों को भी अन्य लोगों की तरह ही मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस बिल का विरोध कुछ इस कदर बढ़ा है कि यह संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार आयोग तक भी जा चुका है, और यूएनेचसी ने भी इस बिल पर अपनी चिंता जाहिर की है। बता दें कि हाल ही में सड़कों पर 50 हजार से भी अधिक लोगों ने इस बिल के विरोध में प्रदर्शन किया था।

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